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उत्तर प्रदेश: तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित हुए डीआईजी अजय कुमार साहनी
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरव का एक और अध्याय जुड़ गया। बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी को अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए तीसरी बार प्रतिष्ठित राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरव का एक और अध्याय जुड़ गया। बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी को अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए तीसरी बार प्रतिष्ठित राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। 15 अगस्त 2026 को पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। डीआईजी अजय कुमार साहनी को यह वीरता सम्मान वर्ष 2020 में मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान किए गए एक साहसिक पुलिस ऑपरेशन के लिए प्रदान किया गया। उस समय पुलिस टीम ने कुख्यात अंतरजनपदीय अपराधी चांद उर्फ काले और उसके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी कई जनपदों में लूट समेत विभिन्न संगीन वारदातों में वांछित था और उसके खिलाफ करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज बताए गए थे। 25/26 जनवरी 2020 की रात हुआ था ऑपरेशन मामला 25/26 जनवरी 2020 की रात का है। तत्कालीन एसएसपी मेरठ अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में मेरठ पुलिस टीम ने चांद उर्फ काले और उसके गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक आरोपी एक संगठित गिरोह के साथ अलग-अलग जनपदों में लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान चांद उर्फ काले की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के बाद मौके से अवैध हथियार और लूट का सामान बरामद किया गया। इस ऑपरेशन को पुलिस विभाग में साहसिक नेतृत्व और रणनीतिक कार्रवाई के उदाहरण के तौर पर देखा गया। करीब तीन दर्जन मुकदमों में वांछित था आरोपी पुलिस के अनुसार चांद उर्फ काले, पुत्र सत्तार, निवासी अंबेडकर कॉलोनी, कस्बा एवं थाना परीक्षितगढ़, मेरठ, एक कुख्यात अंतरजनपदीय लुटेरा और गिरोह का सरगना बताया गया था। उसके खिलाफ करीब तीन दर्जन अभियोग दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह मुजफ्फरनगर के मीरापुर में बैंक लूट, नई मंडी क्षेत्र में व्यापारी से लूट, जानसठ में ज्वैलरी शॉप लूट, मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में पेट्रोल पंप लूट, फलावदा में किराना व्यापारी से लूट, परीक्षितगढ़ में चोरी और अन्य कई संगीन वारदातों में वांछित था। डेढ़ लाख रुपये का था इनाम पुलिस के अनुसार आरोपी पर कुल डेढ़ लाख रुपये का इनाम घोषित था। मेरठ जोन स्तर से एक लाख रुपये और सहारनपुर परिक्षेत्र स्तर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी। इसी चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में तत्कालीन एसएसपी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। इसी साहसिक कार्रवाई के लिए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। तीसरी बार सम्मान मिलना बड़ी उपलब्धि अजय कुमार साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक मिलना उनके पुलिस करियर की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हो गया है। कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व, अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए मिले इस सम्मान को पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वर्तमान में अजय कुमार साहनी बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी के पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस मुख्यालय में सम्मानित किए जाने के बाद बरेली पुलिस महकमे में भी खुशी का माहौल है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे पूरे विभाग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। यह सम्मान न केवल अजय कुमार साहनी के साहस और नेतृत्व को पहचान देता है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश माना जा रहा है।
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