Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का आरोप, दो साल से कार्रवाई का इंतजार

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Kailash Nath Tiwari , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 18/08/2026 10:31:19 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Kailash Nath Tiwari ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 18/08/2026 10:31:19 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जलालपुर तहसील क्षेत्र के विकासखंड भियांव अंतर्गत ग्राम सभा मढ़वरपुर के चक अज भुजगी में सरकारी जमीन, तालाब और चकमार्ग पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जलालपुर तहसील क्षेत्र के विकासखंड भियांव अंतर्गत ग्राम सभा मढ़वरपुर के चक अज भुजगी में सरकारी जमीन, तालाब और चकमार्ग पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्रामीणों का आरोप है कि चकमार्ग और तालाब की जमीन पर लगातार निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है, जबकि मामला राजस्व अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब गाटा संख्या 78 पर सूर्यकांत तिवारी द्वारा मकान बनाए जाने तथा वहां “गो संरक्षण केंद्र” का बोर्ड लगाए जाने का मामला सामने आया है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है तो उस पर निजी निर्माण या गो संरक्षण केंद्र संचालित करने की अनुमति किस आधार पर दी गई?
इसी ग्राम सभा में श्रीकांत तिवारी द्वारा भी कथित रूप से मकान बनाए जाने की बात सामने आई है। वहीं बंजर भूमि के गाटा संख्या 29 और 33 तथा चकमार्ग संख्या 37 पर भी राज बहादुर तिवारी द्वारा मकान बनाकर कब्जा किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

तीन बार जांच, फिर भी कार्रवाई का इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि मामले में राजस्व विभाग की टीम द्वारा करीब तीन बार जांच/सत्यापन किया जा चुका है और जांच के दौरान कथित अवैध कब्जे की पुष्टि भी हुई। इसके बावजूद लंबे समय से जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि जून 2025 में तहसील प्रशासन द्वारा बेदखली का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक उसके बाद भी कथित कब्जा बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मुख्यमंत्री के आदेशों के बीच प्रशासन पर सवाल सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने को लेकर प्रदेश सरकार लगातार सख्त कार्रवाई की बात करती रही है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि जब राजस्व अभिलेखों, जांच और नोटिस की प्रक्रिया सामने आ चुकी है, तो आखिरकार कथित कब्जाधारियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई कब होगी? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन से मांग की है कि गाटा संख्या 78, गाटा संख्या 29, 33 और चकमार्ग संख्या 37 की निष्पक्ष पैमाइश कराकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कब्जा अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है, या फिर सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का यह मामला सिर्फ नोटिस और जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

Related News

उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद में कच्चे मकान की दीवार गिरी, 22 वर्षीय युवती की मौत; कई लोग मलबे में दबे

उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद में कच्चे मकान की दीवार गिरी, 22 वर्षीय युवती की मौत; कई लोग मलबे में दबे

बिहार: नवादा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू, अब शहर के दूसरे इलाकों पर नजर

छत्तीसगढ़: डोंगरगढ़ मेला ग्राउंड के सुलभ शौचालय में मनमानी वसूली के आरोप, MRP से ज्यादा कीमत पर सामान बेचने की शिकायत

उत्तर प्रदेश: बलरामपुर में मिशन शक्ति को मिलेगी मजबूती, गांव-गांव होंगे ‘बहू-बेटी सम्मेलन’

 उत्तर प्रदेश: खुर्जा में बॉलीवुड गायक अगम कुमार निगम का भव्य स्वागत, भाजपा नेता मुकेश मासूम के जनसेवा कार्यों की सराहना


Featured News