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राजस्थान: राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी तेज, खींवसर बार संघ के साथ बैठक में 3 मामलों में राजीनामा
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संक्षेप
राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक प्रकरणों के आपसी सहमति से निस्तारण के उद्देश्य से खींवसर बार संघ के अधिवक्तागण के साथ बैठक आयोजित की गई।
विस्तार
राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक प्रकरणों के आपसी सहमति से निस्तारण के उद्देश्य से खींवसर बार संघ के अधिवक्तागण के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारा अग्रवाल ने की। उन्होंने अधिवक्तागण को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लाभ बताए। उन्होंने अधिवक्ताओं से अधिकाधिक प्रकरणों को राजीनामे के माध्यम से निस्तारित करवाने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
3 प्रकरणों में राजीनामा सफल, आगामी लोक अदालत में होगा अंतिम निस्तारण
बैठक के दौरान अधिवक्तागण एवं पक्षकारों के सहयोग से 2 सिविल वादों एवं 1 चैक अनादरण से संबंधित प्रकरण में राजीनामा सफल रहा। इन प्रकरणों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अंतिम निस्तारण हेतु रखा गया है। इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ ही समय एवं धन की बचत होगी।
खींवसर में ताल्लुका विधिक सेवा समिति के गठन से आमजन को मिलेगा स्थानीय स्तर पर विधिक सेवाओं का लाभ बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता एवं अपर जिला न्यायाधीश संजय कुमार मालवीया ने अधिवक्तागण को जानकारी दी कि माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा हाल ही में खींवसर में ताल्लुका विधिक सेवा समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि समिति के गठन से खींवसर एवं आसपास के क्षेत्र के आमजन को विधिक सेवाओं एवं विभिन्न विधिक योजनाओं का लाभ अब स्थानीय स्तर पर अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि ताल्लुका विधिक सेवा समिति के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक परामर्श, जरूरतमंद पक्षकारों को अधिवक्ता उपलब्ध करवाना, लोक अदालत एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण, विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन तथा विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी एवं लाभ उपलब्ध करवाने जैसे कार्य प्रभावी रूप से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों, महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सहित पात्र वर्गों को न्याय तक पहुंच आसान होगी। आमजन को विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी तथा किसी भी व्यक्ति को केवल आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित नहीं होना पड़ेगा।
उन्होंने अधिवक्तागण से ताल्लुका विधिक सेवा समिति के माध्यम से आमजन तक निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाने एवं पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता उपलब्ध करवाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। इस अवसर पर अध्यक्ष, ताल्लुका विधिक सेवा समिति खींवसर डॉ. सुनील कच्छवाहा ने भी अधिवक्तागण को राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन तथा अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक का उद्देश्य आमजन को शीघ्र, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध करवाना तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी सहमति से निस्तारण सुनिश्चित करना रहा।
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