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छत्तीसगढ़: गड्ढों और कीचड़ से बदहाल सड़क, ग्रामीणों ने मरम्मत और जलनिकासी की मांग उठाई
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संक्षेप
छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित करेला-भंडारपुर क्षेत्र की सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे
विस्तार
छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित करेला-भंडारपुर क्षेत्र की सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और जलभराव होने के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि यह सड़क कम और तालाब अधिक नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण या मरम्मत हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता, लेकिन महज दो साल के भीतर ही सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर गड्ढों की गहराई का अंदाजा पानी भरे होने के कारण नहीं लग पाता, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, करेला-भंडारपुर मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। सड़क की खराब हालत का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ होता तो इतने कम समय में इसकी हालत इतनी खराब नहीं होती। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच कराने और जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति सरकार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि यदि किसी बड़े नेता या मंत्री का काफिला इस सड़क से गुजरना हो तो शायद एक दिन में ही सड़क की तस्वीर बदल सकती है, लेकिन आम जनता की परेशानी पर अब तक अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बरसात के दौरान तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कर सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए तथा बाद में गुणवत्तापूर्ण तरीके से सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और करेला-भंडारपुर के लोगों को जर्जर सड़क से कब राहत मिलती है।
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