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हरियाणा: हिसार में नशा मुक्त अभियान को लेकर 2026-2029 के रोडमैप पर मंथन, डीसी ने दिए सख्त निर्देश
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संक्षेप
हरियाणा: राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से मिटाने और एक नशा मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को लेकर हिसार जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त महेंद्र पाल ने नारकोटिक्स नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विभागों
विस्तार
हरियाणा: राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से मिटाने और एक नशा मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को लेकर हिसार जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त महेंद्र पाल ने नारकोटिक्स नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर वर्ष 2026 से 2029 तक के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने पर मंथन किया। बैठक के मुख्य रणनीतिक बिंदु तीन वर्षीय कार्ययोजना (2026-2029): इस रोडमैप का उद्देश्य केवल नशे की तस्करी को रोकना नहीं, बल्कि तस्करी के नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करना है। इसमें प्रवर्तन (Enforcement) के साथ-साथ जागरूकता और पुनर्वास को समान प्राथमिकता दी गई है। विभागीय समन्वय: डीसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने के निर्देश दिए। युवाओं की भागीदारी और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से बचाने पर विशेष जोर दिया गया है। सख्त कार्रवाई: अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना। हिसार जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले तीन वर्षों में नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए एक त्रि-आयामी रणनीति—जागरूकता, सख्ती और पुनर्वास—पर काम किया जाएगा ताकि हिसार को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने अपने-अपने विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और आगामी कार्ययोजना का विवरण साझा किया।
पुनर्वास और जागरूकता: नशा मुक्ति के प्रयासों को मजबूत करने और समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गई। राज्य स्तरीय निर्देश इस जिला स्तरीय बैठक से पूर्व, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में 'नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर' की 13वीं राज्य स्तरीय समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष दिशा-निर्देश दिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना: नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए निर्धारित लक्ष्यों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ धरातल पर उतारा जाए। सप्लाई चेन पर प्रहार: नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोतों (Sources) और तस्करी के मार्गों (Routes) को चिन्हित करना।
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