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बिहार: तेजस्वी यादव की जुबान फिसली तो जीतन राम मांझी ने कसा तंज, बोले- ‘नशा कुछ भी कर सकता है’

- Photo by : social media

बिहार  Published by: Tarun Kumar (BR) , बिहार  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 19/08/2026 11:29:59 am Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 19/08/2026 11:29:59 am
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संक्षेप

बिहार: दशरथ मांझी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई. उन्होंने दशरथ मांझी की जगह गलती से दो बार जीतन राम मांझी का नाम ले लिया. जिस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र राम मांझी ने पोस्ट पर तंज भी कसा है

विस्तार

बिहार: दशरथ मांझी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई. उन्होंने दशरथ मांझी की जगह गलती से दो बार जीतन राम मांझी का नाम ले लिया. जिस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र राम मांझी ने पोस्ट पर तंज भी कसा है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर लिखा है कि नशा कुछ भी कर सकता है और लगता है रात वाला नशा उतरा नहीं था जीतन राम मांझी ने क्या कहा? अपनी पोस्ट में जीतन राम मांझी ने लिखा अगर शराब के नशा होता तो बोतल खुद नाच रही होती. बाबू साहब का रात वाला नशा उतरा नहीं था इसीलिए मुझे श्रद्धांजलि दे दिया. नशा कुछ भी कर सकता है. जीतन राम मांझी ने तंज करते हुए यह भी कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो, यह जब आने वाले वक्त में अपने पिताजी लालू यादव और माता रावड़ी देवी को भी जीते जी श्रद्धांजलि दे सकते हैं। 

 क्या है पूरा मामला? दरअसल माउंटेन में दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर राजद ऑफिस के कर्पूरी हाल में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी. पार्टी कार्यकर्ताओं और मुसहर समुदाय के सदस्यों की भारी भीड़ के सामने भाषण देते समय तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई. उन्होंने मंच से कहा कि वह जीतन राम मांझी की श्रद्धांजलि सभा मौजूद सभी लोगों का आभार व्यक्त करना चाहते हैं. जैसे ही उन्होंने गीता राम मांझी का नाम लिया मंच पर मौजूद लोगों और दर्शकों ने तुरंत उन्हें सही नाम बताने के लिए टोका. विपक्ष के नेता ने तुरंत अपनी गलती सुधारी और दशरथ मांझी का नाम लिया और फिर लोगों का अभिवादन किया। 


 दशरथ मांझी के लिए भारत रत्न की मांग की तेजस्वी यादव ने.. तेजस्वी यादव गलती सुधारने के बाद उन्होंने दशरथ मांझी के ऐतिहासिक योगदान और उनके डेड संकल्प को याद किया. उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी ने अकेले पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का जो असंभव कार्य किया हुआ समाज के लिए एक अद्वितीय मिसाल है. उन्होंने केंद्र सरकार से दशरथ मांझी को करने उपरांत भारत रत्न देने की मांग रब्बी रखी है. आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर आश्रम निर्माण करने की भी बात कही। 


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