Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: रामलीला में कुंभकर्ण, मेघनाद और रावण वध का भव्य मंचन, रावण दहन के साथ विजयदशमी संपन्न

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Ajay Saxena , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 21/10/2026 10:09:55 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Ajay Saxena ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 21/10/2026 10:09:55 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: आज दिनांक 20 अक्टूबर 2026 को श्रीरामलीला समिति, सिविललाइंस, मुरादाबाद के तत्वावधान में साईं मंदिर रोड स्थित युवा केन्द्र में श्रीरामलीला के भव्य मंचन में त्रिमूर्ति कला केंद्र मुरादाबाद के पात्रों द्वारा कुम्भकर्ण वध

विस्तार

उत्तर प्रदेश: आज दिनांक 20 अक्टूबर 2026 को श्रीरामलीला समिति, सिविललाइंस, मुरादाबाद के तत्वावधान में साईं मंदिर रोड स्थित युवा केन्द्र में श्रीरामलीला के भव्य मंचन में त्रिमूर्ति कला केंद्र मुरादाबाद के पात्रों द्वारा कुम्भकर्ण वध, मेघनाद वध और रावण वध के प्रसंग का मंचन प्रस्तुत किया गया।  हनुमान जी द्वारा हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाने के उपरांत लक्ष्मण की मूर्छा समाप्त हुई। वानर सेना नए उत्साह से भर गई। रावण द्वारा युद्ध मे उसके तमाम योद्धाओं के मारे जाने के कारण कुम्भकरण को युद्ध क्षेत्र में भेजने का निर्णय लिया गया। यह कुम्भकर्ण के छः माह सोने का समय था। तमाम कोशिश के बाद कुम्भकर्ण को जगाने में रावण सफल हुआ।  व्याकुल कुंभकर्ण पहिं आवा। विविध जतन करि ताहि जगावा।। युद्ध क्षेत्र में कुम्भकर्ण के आने से वानर सेना में हाहाकार मच गया।
कुंभकरन रन रंग बिरुद्धा। सन्मुख चला काल जनु क्रुद्धा॥ कोटि कोटि कपि धरि धरि खाई। जनु टीड़ी गिरि गुहाँ समाई॥ ये सब देख श्रीराम कहते हैं....सुनु सुग्रीव बिभीषन अनुज सँभारेहु सैन।

मैं देखउँ खल बल दलहि बोले राजिवनैन॥  कर सारंग साजि कटि भाथा। अरि दल दलन चले रघुनाथा॥ प्रथम कीन्हि प्रभु धनुष टंकोरा। रिपु दल बधिर भयउ सुनि सोरा॥
प्रभु के बाणों ने क्षण मात्र में भयानक राक्षसों को काटकर रख दिया। फिर वे सब बाण लौटकर श्री रघुनाथजी के तरकस में वापस आ गए॥ पुनि धनु तानि कोपि रघुनायक। छाँड़े अति कराल बहु सायक॥ तनु महुँ प्रबिसि निसरि सर जाहीं। जिमि दामिनि घन माझ समाहीं॥ श्रीराम ने धनुष को खींचकर सौ बाण संधान किए। बाण छूटे और उसके शरीर में समा गए। बाणों के लगते ही वह क्रोध में भरकर दौड़ा। उसके दौड़ने से पर्वत डगमगाने लगे और पृथ्वी हिलने लगी॥ लेकिन सारे बाण उसे भेद चुके थे। और तेज भूकम्प के साथ वह पृथ्वी पर कभी न उठने के लिए गिर पड़ा। कुम्भकर्ण के मरने का समाचार सुनकर रावण अधीर हो उठा। उसने मेघनाद को पुनः युद्ध क्षेत्र में भेजा जहां उसका सामना फिर से लक्ष्मण से हुआ। पर इस बार लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया। 

सुमिरि कोसलाधीस प्रतापा। सर संधान कीन्ह करि दापा॥ छाड़ा बान माझ उर लागा।
मरती बार कपटु सब त्यागा॥ इस प्रकार मेघनाद के वध का समाचार सुन रावण टूट गया लेकिन वह हिम्मत न हारा और स्वयं युद्ध करने निकल पड़ा। राम और रावण के बीच भीषण युद्ध हुआ। कई बार ऐसा प्रतीत होता था कि रावण को पराजित कर पाना असंभव है परंतु कोशलाधीश श्रीराम धैर्य की प्रतिमूर्ति हैं उन्होंने रावण को उसका पराक्रम दिखाने का पूरा अवसर दिया। परंतु श्रीराम अब रावण पर कुपित होते हुए खैंचि सरासन श्रवन लगि छाड़े सर एकतीस। रघुनायक सायक चले मानहुँ काल फनीस।। कानों तक धनुष को खींचकर श्री रघुनाथजी ने इकतीस बाण छोड़े। वे श्री रामचंद्रजी के बाण ऐसे चले मानो कालसर्प हो।।  सायक एक नाभि सर सोषा। अपर लगे भुज सिर करि रोषा॥
लै सिर बाहु चले नाराचा। सिर भुज हीन रुंड महि नाचा॥ 

एक बाण ने नाभि के अमृत कुंड को सोख लिया। दूसरे तीस बाण कोप करके उसके सिरों और भुजाओं में लगे। बाण सिरों और भुजाओं को लेकर चले। सिरों और भुजाओं से रहित रुण्ड (धड़) पृथ्वी पर नाचने लगा।। डोली भूमि गिरत दसकंधर। छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर॥ धरनि परेउ द्वौ खंड बढ़ाई। चापि भालु मर्कट समुदाई।। रावण के गिरते ही पृथ्वी हिल गई। रावण का तेज प्रभु के मुख में समा गया। यह देखकर शिवजी और ब्रह्माजी हर्षित हुए। ब्रह्माण्ड भर में श्रीराम जय-जय की ध्वनि गूंजने लगी। ततपश्चात रावण दहन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। विजय दशमी की रामलीला का प्रसंग यहीं समाप्त हुआ। नगरवासियों ने धर्मलाभ कमाया। अगले दिन की रामलीला में राजगद्दी का प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा। रामलीला समिति के संरक्षक शिशिर गुप्ता, डॉ संजीव राजन, जयविन्दर प्रधान, अध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता, महामंत्री पीयूष गुप्ता, कोषाध्यक्ष निर्वेश भटनागर, अरविंद गुप्ता, प्रेमनाथ, उपदेश अग्रवाल, विनीत गुप्ता, प्रमोद रस्तोगी, सुधांशु कौशिक, डॉ0 विकास गुप्ता, शिवम गुप्ता, राजीव गुप्ता, गोरखनाथ, शिवांश गुप्ता, जे के सक्सेना, राजेश गुप्ता, अजय गुप्ता, सुनील गुप्ता, संजय धवन, अजय कट्टा के साथ साथ पूरी रामलीला समिति ने सराहनीय योगदान दिया।

Related News

उत्तर प्रदेश: बस हादसे में युवती की मौत के मामले में चालक हुआ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश: दुधारा पुलिस ने 22.300 किलो अवैध गांजे के साथ दो तस्करों को किया गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज

उत्तर प्रदेश: डीआईजी संजीव त्यागी ने तीन जिलों के एसपी के साथ की अपराध समीक्षा बैठक, लंबित विवेचनाओं और वांछित अपराधियों पर कार्रवाई के निर्देश

उत्तर प्रदेश: एटीएम फ्रॉड के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, कार्ड और मोबाइल फोन बरामद; पुलिस खंगाल रही ठगी का नेटवर्क

उत्तर प्रदेश: जेल से रिहाई के बाद पूर्व मंत्री रामकरन आर्या का सल्टौआ में जोरदार स्वागत, बड़ी संख्या में जुटे सपा कार्यकर्ता

उत्तर प्रदेश: सेवानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सीडीओ संत कुमार का मामला लंबित, वित्तीय क्षति का ब्योरा न मिलने पर शासन ने मांगी दोबारा रिपोर्ट


Featured News