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उत्तर प्रदेश: एटीएम फ्रॉड के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, कार्ड और मोबाइल फोन बरामद; पुलिस खंगाल रही ठगी का नेटवर्क

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 30/10/2026 04:20:28 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: एटीएम मशीन के जरिए धोखाधड़ी कर लोगों की रकम निकालने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। इस कार्रवाई के

विस्तार

उत्तर प्रदेश: एटीएम मशीन के जरिए धोखाधड़ी कर लोगों की रकम निकालने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस के सामने धोखाधड़ी के तरीके और उससे जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को एटीएम फ्रॉड के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आरोपी एटीएम मशीन में तकनीकी छेड़छाड़ करते थे, कार्डधारकों की गोपनीय जानकारी हासिल करते थे या किसी अन्य तरीके से रकम निकालते थे। ऐसे में बरामद एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन की जांच इस मामले में अहम हो सकती है।

 बरामद कार्ड और मोबाइल फोन जांच का अहम आधार  आरोपियों के पास से एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन मिलने के बाद इनकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाता था। मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल साक्ष्य और लेनदेन से संबंधित जानकारी की जांच से आरोपियों की गतिविधियों की कड़ियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, बरामद सामान को किसी विशेष वारदात से जोड़ने के लिए पुलिस की जांच और साक्ष्य जरूरी होंगे।  क्या अकेले काम कर रहे थे आरोपी या पीछे है बड़ा नेटवर्क?  एटीएम से धोखाधड़ी के मामलों में कई बार अलग-अलग लोगों की भूमिका हो सकती है। कोई व्यक्ति कार्डधारक को निशाना बनाता है, तो दूसरा प्राप्त जानकारी या रकम के लेनदेन में शामिल हो सकता है। इस मामले में भी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि गिरफ्तार दोनों आरोपी अकेले घटनाओं को अंजाम देते थे या उनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। पुलिस की पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

 बैंक खातों और पीड़ितों का ब्योरा सामने आना बाकी  मामले की गंभीरता का आकलन इस बात से भी होगा कि आरोपियों ने कितने लोगों को निशाना बनाया और कितनी रकम की धोखाधड़ी की। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पीड़ितों की संख्या, ठगी की कुल रकम और घटनाओं की अवधि का उल्लेख नहीं है। इन तथ्यों के सामने आने से मामले का वास्तविक दायरा स्पष्ट होगा। एटीएम इस्तेमाल करने वालों के लिए भी सतर्कता जरूरी 
एटीएम से पैसे निकालते समय मशीन और कार्ड स्लॉट की जांच करना, पिन डालते समय कीपैड को हाथ से ढकना और किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लेना जरूरी है। खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। पुलिस की इस कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण चरण आरोपियों के काम करने के तरीके, संभावित सहयोगियों और धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करना होगा। जांच में इन पहलुओं का खुलासा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला दो आरोपियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

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