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राजस्थान: आशिकाने रसूल कमेटी के जश्ने ईद मिलादुन्नबी में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम, मौलाना अमीनुल कादरी ने दिया अमन-भाईचारे का पैगाम
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: आशिकाने रसूल कमेटी अंदरकोट, अजमेर की ओर से हर साल की तरह इस साल भी 14 अक्टूबर को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन ढाई दिन के झोपड़े की पार्किंग में किया गया। इस मौके पर हजारों की तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
विस्तार
राजस्थान: आशिकाने रसूल कमेटी अंदरकोट, अजमेर की ओर से हर साल की तरह इस साल भी 14 अक्टूबर को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन ढाई दिन के झोपड़े की पार्किंग में किया गया। इस मौके पर हजारों की तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलमा-ए-दीन और मशहूर नातख्वानों ने शिरकत कर महफिल को रूहानी बनाया। कार्यक्रम का आगाज अजमेर शहर काजी तौसीफ अहमद सिद्दीकी साहब ने तिलावते कुरआन पाक से किया। इसके बाद जयपुर से आए मशहूर नातख्वां इमरान बरकती साहब ने अपनी खूबसूरत आवाज में नात-ए-पाक पेश की। उनकी नातों से महफिल का माहौल खुशनुमा हो गया और मौजूद अकीदतमंदों ने पूरी अकीदत के साथ नातों को सुना। इसके बाद महाराष्ट्र के मालेगांव से आए मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना सैयद अमीनुल कादरी साहब ने अपनी तकरीर में हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी, उनके अखलाक, इंसानियत, मोहब्बत और तालीमात पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में अमन-चैन, भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का संदेश दिया। सलातो-सलाम के बाद देश में अमन-चैन के लिए की दुआ मौलाना सैयद अमीनुल कादरी साहब की तकरीर के बाद सलातो-सलाम पेश किया गया। इसके पश्चात जनाब मेहदी मियां चिश्ती साहब ने देश में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खुसूसी दुआ करवाई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद अकीदतमंदों ने दुआ में शिरकत की। लंगर तकसीम कर किया कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के अंत में अकीदतमंदों के बीच लंगर तकसीम किया गया। आशिकाने रसूल कमेटी अंदरकोट की ओर से आयोजित इस जलसे में हजारों लोगों की मौजूदगी रही। बाहर से आए उलमा-ए-दीन की शिरकत और नात-ओ-तकरीर के जरिए पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात को आम लोगों तक पहुंचाया गया। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के इस आयोजन में मोहब्बत, इंसानियत, अमन-चैन और भाईचारे का संदेश दिया गया।पूरा कार्यक्रम अकीदत और एहतराम के माहौल में संपन्न हुआ।
